ELECTRO TRIDOSHA GRAPHY ; ETG AyurvedaScan ; इलेक्‍ट्रो-त्रिदोष-ग्राफ ; ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन

The stats helper monkeys at WordPress.com mulled over how this blog did in 2010, and here’s a high level summary of its overall blog health:

Healthy blog!

The Blog-Health-o-Meter™ reads Minty-Fresh™.

Crunchy numbers

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A Boeing 747-400 passenger jet can hold 416 passengers. This blog was viewed about 1,300 times in 2010. That’s about 3 full 747s.

In 2010, there were 2 new posts, growing the total archive of this blog to 12 posts. There were 2 pictures uploaded, taking up a total of 104kb.

The busiest day of the year was May 17th with 28 views. The most popular post that day was Who I am ?.

Where did they come from?

The top referring sites in 2010 were slideshare.net, drprabhattandon.wordpress.com, ayurvedaintro.wordpress.com, dmoz.org, and hi.wikipedia.org.

Some visitors came searching, mostly for आयुर्वेद, नाडी परीक्षण, आयुर्वेद आयुर्वेद चिकित्सा, and त्रिदोष.

Attractions in 2010

These are the posts and pages that got the most views in 2010.

1

Who I am ? January 2007
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2

आयुर्वेद चिकित्‍सा विज्ञान के लिये साक्ष्‍य रुप में आविष्‍कार : इलेक्त्रो त्रिदोश ग्राफी ई०टी०जी० टेक्नोलोजी प्रशिछ्ण कार्यक्रम September 2007
6 comments

3

आधुनिक आयुर्वेद की हाई-टेक तकनीक September 2007

4

डा० देश बन्धु बाजपेयी को रिसर्च पेपर पढने के लिये दिया गया प्रमाण पत्र January 2009

5

आयुर्वेद धनवन्‍तरि आयुर्वेद धनवन्‍तरि November 2007

Often we see , in our daily medical practice, that many patient comes with their records of pathological examination and scans , earlier done by their family physician recommendation, which are showing the normal condition of the patient.

After these scans and pathological reports, which shows normal parameters of these patient, it is natural to observe that in fact patient is not having any complaint and is totally fit.

Some patient becomes very furious after saying that they are fit and healthy and have no complaints over all. Patient says that he is feeling this and that complaints and Doctor says , you are fit. I am feeling death like pain and doctor giving me medicine, which just after taken , I sleep much more and my mind did not work, nor think.

When I suggest for an ETG AyurvedaScan examination and after doing their scan, the condition becomes clear that patient is having the complaints of the concerned systems.

What happened, as I have observed, that the modern western medicine systems laboratory tests are based on the Pathological conditions. If we see any scanning system, say for example Ultra sound scan, this scan is a very important diagnostic equipment for modern days medical practice and no doubt it helps a lot to physician. The data of Ultra sound is in two catagories. [1] It provides the shape, size of the scanned organs, whether they are in normal limit or enlarged or smaller that normal limit [2] it provides the hardness, glands, deposits, clots, pus, any foreign substance etc inside the organs scanned.

Apart from these two pathological conditions, Ultra sound with its limitations is not able to provide ,how much organ is functioning and that is known as “PATHOPHYSIOLOGY” .

Those patients , who says that they are not well feeling , are suffering from Pathophysiological conditions and that’s why they say that they are sick.

ETG AyurvedaScan system records the pthiphysiological conditions as well as Pathological upto some extent and thus treatment based on the line of the findings of the ETG is always result oriented, which we have observed since many years.

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इधर पिछले कई महीनों से मुझे आये दिन ई-मेल मिलती रहती है कि ई०टी०जी० क्या बला है, कभी इसे भी समझाइये ।

यह तकनीक मेरे ही द्वारा आविष्कृत की गयी है । लगभग २० वर्ष पहले जब मेरे पास अच्छी सन्ख्या में हृदय रोग से पीड़ित मरीज आने लगे, जिनका उपचार मैं Ayurvedic अथवा Homoeopathic दवाओं द्वारा करता रहता था , उनकी स्वास्थय की दशा की monitoring के लिये मुझे इलेक्ट्रो कार्डिओ ग्राफ मशीन ECG machine की जरूरत पड़ी । रोगियों का इलाज करता भी था , जिनमें ऐसे रोगी भी थे, जिनको बाई पास सर्जरी के लिये एड्वाइज किया गया था, लेकिन उन्के पास इतना धन नहीं था कि वे आपरेशन करा पाते । ऐसे लगभग एक दर्जन मरीज मेरे पास आ गये । इसके अलावा वे मरीज भी आये जो एलोपैथी दवा खाना नहीं चाह्ते थे । कुछ ऐसे रोगी भी आ गये, जिनको एक Cardiologist ने यह कहकर भेज दिया कि इसका इलाज होम्योपैथी में है । बहरहाल ई०सी०जी० मशीन से मुझे बहुत मदद मिली और मै हृदय रोगियों का इलाज सफ़लता पूर्वक करने लगा ।

एक बार, शायद मई का महीना था, दोपहर में अचानक एक मरीज आ गया । तीमारदारों नें बताया कि इसे दमा का अटैक पड़ा है । जांच करने पर मुझे समझ में आया कि इसे हृदय रोग है । मैने उसके electrode बान्धे और लेट जाने को कहा । उसे बहुत बेचैनी हो रही थी, इस कारण बार बार उठ कर बैठ जाता था । इस अवस्था में ECG करना ठीक नहीं होता है । मैं इन्तजार करने लगा कि इसकी बचैनी कुछ कम हो तो काम आगे करूं । इसी समय मुझे याद आया कि इसकी Pulse देखी जाय कि इसके कौन सा आयुर्वेदिक दोष है ।

जब मै मरीज की pulse देख रहा था, उसी समय मेरी निगाह ECG machine के Stylus पर पड़ी, जो ठीक उसी तरह फड़क रहा था , जैसी की नाड़ी फड़क रही थी । Fraction of seconds मे यह सोचा कि नाड़ी और स्टाइलस के फ्ड़कने के अन्दाज बिलकुल एक जैसे है । यह सब कुछ महज तीन चार सेकेंड के अन्दर हुआ । मरीज का जब ई०सी०जी० किया ्तो उसे हृदय रोग निकला, मैने उन्हे सलाह दी कि इसे फिल्हाल मेडिकल कालेज में कार्डियोलाजी मे भर्ती कराकर उपचार करायें तो सबसे अच्छा होगा । यह बात आयी गयी हो चली, मुझे ध्यान भी नही रहा ।

एक दिन मैं फुर्सत से दवाखाने में बैठा था । मुझे नाड़ी और स्टाइलस के समन्वयन का ध्यान आ गया, जो मैने पहले देखा था । इसी समय विचार उठा कि क्या इस समन्वयन से आयुर्वेद के मौलिक सिद्धान्तों को क्वान्टीफाई किया जा सकता है ?

मैने इस पर प्रयास करना शुरु किया । पूरी तकनीक को Develop करते करते लगभग बीस साल लग गये । बहुत से मशीन में परिवर्तन किये गये । ECG में ६ वेब्स होती है, जिन्हें p,q,r,s,t,u waves कहते हैं , comparatively ETG में ११ तरन्गें होती है , जिन्हे a,b,c,d,e,s,g,h,l,m,o कहते हैं । इस तरह से तैयार किया हुआ Electrical scan, जिसे Electro Tridosha Graphy, ETG नाम दिया गया

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Electrotridoshagraphy {E.T.G.} technology is recognised & accredited  by the Central Council for Research in Ayurveda and Siddha- CCRAS,  Department of Ayurveda [AYUSH], Ministry of Health and Family Welfare, Government of India, New Delhi, India.

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