ELECTRO TRIDOSHA GRAPHY ; ETG AyurvedaScan ; इलेक्‍ट्रो-त्रिदोष-ग्राफ ; ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन

इलेक्ट्रो त्रिदोष ग्राफी ई०टी०जी० तकनीक है क्या बला ? आइये इसे भी समझिय

Posted on: जनवरी 30, 2009

इधर पिछले कई महीनों से मुझे आये दिन ई-मेल मिलती रहती है कि ई०टी०जी० क्या बला है, कभी इसे भी समझाइये ।

यह तकनीक मेरे ही द्वारा आविष्कृत की गयी है । लगभग २० वर्ष पहले जब मेरे पास अच्छी सन्ख्या में हृदय रोग से पीड़ित मरीज आने लगे, जिनका उपचार मैं Ayurvedic अथवा Homoeopathic दवाओं द्वारा करता रहता था , उनकी स्वास्थय की दशा की monitoring के लिये मुझे इलेक्ट्रो कार्डिओ ग्राफ मशीन ECG machine की जरूरत पड़ी । रोगियों का इलाज करता भी था , जिनमें ऐसे रोगी भी थे, जिनको बाई पास सर्जरी के लिये एड्वाइज किया गया था, लेकिन उन्के पास इतना धन नहीं था कि वे आपरेशन करा पाते । ऐसे लगभग एक दर्जन मरीज मेरे पास आ गये । इसके अलावा वे मरीज भी आये जो एलोपैथी दवा खाना नहीं चाह्ते थे । कुछ ऐसे रोगी भी आ गये, जिनको एक Cardiologist ने यह कहकर भेज दिया कि इसका इलाज होम्योपैथी में है । बहरहाल ई०सी०जी० मशीन से मुझे बहुत मदद मिली और मै हृदय रोगियों का इलाज सफ़लता पूर्वक करने लगा ।

एक बार, शायद मई का महीना था, दोपहर में अचानक एक मरीज आ गया । तीमारदारों नें बताया कि इसे दमा का अटैक पड़ा है । जांच करने पर मुझे समझ में आया कि इसे हृदय रोग है । मैने उसके electrode बान्धे और लेट जाने को कहा । उसे बहुत बेचैनी हो रही थी, इस कारण बार बार उठ कर बैठ जाता था । इस अवस्था में ECG करना ठीक नहीं होता है । मैं इन्तजार करने लगा कि इसकी बचैनी कुछ कम हो तो काम आगे करूं । इसी समय मुझे याद आया कि इसकी Pulse देखी जाय कि इसके कौन सा आयुर्वेदिक दोष है ।

जब मै मरीज की pulse देख रहा था, उसी समय मेरी निगाह ECG machine के Stylus पर पड़ी, जो ठीक उसी तरह फड़क रहा था , जैसी की नाड़ी फड़क रही थी । Fraction of seconds मे यह सोचा कि नाड़ी और स्टाइलस के फ्ड़कने के अन्दाज बिलकुल एक जैसे है । यह सब कुछ महज तीन चार सेकेंड के अन्दर हुआ । मरीज का जब ई०सी०जी० किया ्तो उसे हृदय रोग निकला, मैने उन्हे सलाह दी कि इसे फिल्हाल मेडिकल कालेज में कार्डियोलाजी मे भर्ती कराकर उपचार करायें तो सबसे अच्छा होगा । यह बात आयी गयी हो चली, मुझे ध्यान भी नही रहा ।

एक दिन मैं फुर्सत से दवाखाने में बैठा था । मुझे नाड़ी और स्टाइलस के समन्वयन का ध्यान आ गया, जो मैने पहले देखा था । इसी समय विचार उठा कि क्या इस समन्वयन से आयुर्वेद के मौलिक सिद्धान्तों को क्वान्टीफाई किया जा सकता है ?

मैने इस पर प्रयास करना शुरु किया । पूरी तकनीक को Develop करते करते लगभग बीस साल लग गये । बहुत से मशीन में परिवर्तन किये गये । ECG में ६ वेब्स होती है, जिन्हें p,q,r,s,t,u waves कहते हैं , comparatively ETG में ११ तरन्गें होती है , जिन्हे a,b,c,d,e,s,g,h,l,m,o कहते हैं । इस तरह से तैयार किया हुआ Electrical scan, जिसे Electro Tridosha Graphy, ETG नाम दिया गया

Advertisements

एक उत्तर दें

Please log in using one of these methods to post your comment:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

Thanks for your visit

  • 27,426 hits

ETG WORLDWIDE

free counters

About me

Today’s Date

जनवरी 2009
सोम मंगल बुध गुरु शुक्र शनि रवि
« मार्च   जून »
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031  

हाल के पोस्ट

Top Clicks

  • कोई नही
%d bloggers like this: