Electrotridoshagraphy {E.T.G.} technology is recognised, accredited and accepted for the development by the Central Council for Research in Ayurveda and Siddha, Department of Ayurveda [AYUSH], Ministry of Health and Family Welfare, Government of India, New Delhi, India.
September 12, 2007 – 10:10 am
इलेक्त्रो त्रिदोश ग्राफी ई०टी०जी० टेक्नोलोजी प्रशिछ्ण कार्यक्रम ” केरी ” सन्सथा द्वारा आयोजित किया जा रहा है / यह सन्स्था केपीकार्क की सहयोगी सन्स्था है/इलेक्त्रो त्रिदोश ग्राफी ई०टी०जी० प्रशिछ्ण कार्यक्रम आयुर्वेद चिकित्सा विग्यान के प्रति स्नेह रखने वाले, आयुर्वेद के विद्यार्थियों, आयुर्वेद के चिकित्सकॊं , आयुर्वेद नर्सेस, आयुर्वेद परिचारक, आयुर्वेद फ्हार्मासिस्ट , तथा आयुर्वेद से [...]
September 12, 2007 – 5:15 am
इलेक्ट्रोत्रिदोषग्राफी के आविष्कारक डा0 देशबन्धु बाजपेयी को हिन्दी भाषा में सुनिये ।
{ फरवरी 2007 में म्यानमार सरकार (पहले बर्मा देश) के एक प्रतिनिधि मन्डल के समक्ष , डा0 देश बन्धु बाजपेयी द्वारा आविष्कार की गयी निदान ज्ञान की तकनीक इलेक्ट्रो–त्रिदोष-ग्राम का साक्षात प्रदर्शन किया गया । यह तकनीकी प्रदर्शन केंन्द्रीय आयुर्वेद अनुसन्धान संस्थान, केन्द्रीय [...]
September 11, 2007 – 12:37 pm
आजकल के समय में आधुनिक चिकित्सा विज्ञान की निदान विधियों द्बारा ही शरीर में व्याप्त बीमारियों का निदान ज्ञान प्राप्त करनें की परीक्षण विधियां प्रचिलित हैं।
आयुर्वेद के लगभग 5000 वर्ष के इतिहास काल में यह पहली साक्ष्य आधारित अकेली परीक्षण विधि है जिसका आविष्कार वर्तमान काल के हुआ
{यह ई0टी0जी0 रिपोर्ट है । चूंकि यह [...]
January 31, 2007 – 8:05 am
आविष्कार के महत्वपूर्ण दृष्टव्य
आयुर्वेदिक चिकित्सक त्रिदोष का परीक्षण रोगी की दोंनों हाथ की नाड़ी को अपनी तीन उंगलियो का प्रयोग करके अध्ययन करते हैं। यह अध्ययन आयुर्वेद के चिकित्सक के मानसिक दृष्टिकोण,अनुभव,ज्ञान ओर इनके मूल्यांकन के उपर पूर्णरूप से आधारित होता है कि चिकित्सक किस प्रकार से त्रिदोषों को इन कसौटियों पर परखता है [...]