Posted by: Dr.Desh Bandhu Bajpai on: September 11, 2007
आजकल के समय में आधुनिक चिकित्सा विज्ञान की निदान विधियों द्बारा ही शरीर में व्याप्त बीमारियों का निदान ज्ञान प्राप्त करनें की परीक्षण विधियां प्रचिलित हैं।
आयुर्वेद के लगभग 5000 वर्ष के इतिहास काल में यह पहली साक्ष्य आधारित अकेली परीक्षण विधि है जिसका आविष्कार वर्तमान काल के हुआ
{यह ई0टी0जी0 रिपोर्ट है । चूंकि यह विश्व का प्रथम आयुर्वेदिक परीक्षण है अत: सभी चिकित्सक बन्धुओं को यह समझ में आ जाना चाहिये कि वे जिस रिपोर्ट को देख रहे हैं , वह आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा विज्ञान दोंनों के दृष्टि कोणों को प्रतिबिम्बित कर रहा है । यह आर्युस्कैन की अलग पहचान के लिये बहुत जरूरी है ।