Posted by: prakruti on: January 31, 2007
आविष्कार के महत्वपूर्ण दृष्टव्य
आयुर्वेदिक चिकित्सक त्रिदोष का परीक्षण रोगी की दोंनों हाथ की नाड़ी को अपनी तीन उंगलियो का प्रयोग करके अध्ययन करते हैं। यह अध्ययन आयुर्वेद के चिकित्सक के मानसिक दृष्टिकोण,अनुभव,ज्ञान ओर इनके मूल्यांकन के उपर पूर्णरूप से आधारित होता है कि चिकित्सक किस प्रकार से त्रिदोषों को इन कसौटियों पर परखता है और तदनुसार आयुर्वेद के मौलिक सिद्धान्तों का मूल्यांकन करता है। यह सब कुछ प्रक्रिया मानसिक होती है और व्यवहारिक रूप से प्रत्यक्षदर्शी नहीं होता है। इस प्रकार से किये गये मूल्यांकन प्रत्येक चिकित्सक के हिसाब से अलग अलग होते हैं और एक जैसे कभी नहीं होते हैं। चूंकि ई0 टी0 जी0 टेकनीक में मशीन के सहयोग से परीक्षण करते हैं और रिकार्ड कागज की पट्टी पर किया जाता है अत: इसे सभी इन्टरप्रेट कर सकते हैं जिन्हें इसका ज्ञान हो। आप हमें ई-मेल या फैक्स भेज सकते हैं
E-mail:drdbbajpai@hotmail.com
Fax: 91 512 2308092
August 31, 2007 at 3:16 am
It is wonderful to know about the advancement in the field of medicine and shall be very advantageous to be be able to approch eben on net.
Devi Nangrani
New Jersey